Category: Poems

वह समय भी आयेगा

वह समय भी आयेगा – जब गलियाँ सुनसान ना होंगी बसंत यूँ वीरान ना होगी बंदी की दरकार ना होगी श्वासों की रार ना होगी !! वह समय भी आयेगा – जब दोस्तों की बैठक होगी गरम चाय की चषक होगी जब हर कहानी दोहरी होगी  घावों की मरहम-पट्टी होगी पिछले संताप की तपन होगी नव ठहाकों की आवन होगी !! वह समय भी आयेगा – जब शवों का ढेर ना होगा स्वप्नों का बस अवशेष ना होगा  भय का घोर अंधेर ना होगा यह विनाश का त्रास ना होगा !! वह समय भी आयेगा – जब सुंदर पुलकित बातें होंगी वही मनोरम दिन-रातें होंगी  भोर की मीठी तान होगी  जीवन पुनः एक गान होगी !!                                 अनिशा पांडेय